स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना

भारत सरकार गरीब रेखा से नीचे संबंध रखने वाले जनता के लिए हर समय नई नई योजनाएं लागू करती रहती है जिससे उनको वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। ऐसी योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई जिसका नाम है स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना। इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगों को सरकार द्वारा ऋण प्रदान कर आ जाएगा। शायरी रोजगार योजना को तीन अन्य स्कीमों की जगह लांच किया गया था जिनमें से एक नेहरू रोजगार योजना एवं शहरी बुनियादी सेवाएं योजना आदि जैसी योजना की जगह इस योजना का शिलान्यास किया गया । यह योजना देश के गरीब तबके के लोगों के लिए शुरू की गई एक पहल है जिसकी मदद से सरकार द्वारा रोजगार के लिए लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रधान करी जाएगी। आज के इस पोस्ट में हम आपको स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना से संबंधित जानकारी प्रदान करेंगे जैसे शहरी रोजगार योजना क्या है, इसकी विशेषताएं एवं उसका आवेदन कैसे करें। निवेदन करेंगे इस पोस्ट को आप हमारे द्वारा अंत तक पढ़े जिसकी मदद से आप को इस योजना से संबंधित सभी जानकारी आसानी से प्राप्त हो जाएगी|

Swarna Jayanti Shahari Rozgar Yojana 2021

स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना को भारत सरकार द्वारा पूरे देश में लागू छा गया है। इस योजना के अंतर्गत सभी गरीब परिवार से संबंधित इस योजना की मदद से रोजगार प्राप्त करने के लिए लोन प्रदान करेगी। योजना से संबंधित बजट को दो भागों में बांटा गया है जिसमें 75% केंद्र सरकार के हिस्से में एवं 25% फंड राज्य सरकारों के हित में आएगा जो कि लाभार्थियों को प्रदान कर आ जाएगा। यह कब प्रतिशत अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग है लेकिन कुछ राज्यों में यह 90 एवं 10% है। यह फंड राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा मिल बांट के गरीबों को लाभ प्रदान करने के लिए दिया जाएगा। नीचे दी गई राज्यों की लिस्ट है जो कि इस योजना के अंतर्गत पूर्ण रूप से विशेष श्रेणी के राज्य में आते हैं।

  • अरुणाचल प्रदेश
  • असम
  • मणिपुर
  • मेघालय
  • मिजोरम
  • नगालैंड
  • सिक्किम
  • त्रिपुरा
  • जम्मू और कश्मीर
  • हिमाचल प्रदेश
  • उत्तराखंड

swarna jayanti shahari rozgar yojana objectives

स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना को देशभर के गरीब तबके के लोगों के लिए शुरू किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शायरी बेरोजगार एवं कमजोर बेरोजगार लाभार्थियों को सरकार द्वारा ऋण प्रदान कर आ जाएगा जिसकी मदद से वे स्वरोजगार उपक्रम स्थापित करेंगे एवं वेतन रोजगार जैसे रोजगार को बात करके अपनी आए का स्रोत प्राप्त कर सकते है। इस योजना के माध्यम से कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा जिसकी मदद से स्वरोजगार प्राप्त करने के लिए शहरी गरीब को रोजगार का अवसर प्रदान करवाया जा सके। इस योजना की मदद से सरकार गरीब से संबंध रखने वाले लोगों को रोजगार प्रदान करने के लिए वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान करेगी जिसका 75% केंद्र सरकार द्वारा प्रदान होगा एवं 25% राज्य सरकार द्वारा प्रदान होगा।

लक्ष्य जनसंख्या

योजना के माध्यम से देश के ग्रामीण एवं शहरी गरीब वर्ग के लोग जो कि गरीब रेखा से नीचे संबंध रखते हैं गैस योजना के माध्यम से लाभ ले सकते हैं। योजना के अंतर्गत परिवार को वर्गीकृत करने का काम भारत के योजना आयोग विभाग के द्वारा किया जाएगा जिसके अंतर्गत वह यह सुनिश्चित करेंगे कि किस परिवार को इस योजना के अंतर्गत लाभ मिल सकता है एवं किसको नहीं।

योजना के घटक

  • शहरी स्व-रोजगार कार्यक्रम (USEP)
  • शहरी महिला स्व-सहायता कार्यक्रम (UWSP)
  • अर्बन पुअर (STEP-UP) के बीच रोजगार संवर्धन के लिए कौशल प्रशिक्षण
  • शहरी वेतन रोजगार कार्यक्रम (UWEP)
  • शहरी सामुदायिक विकास नेटवर्क (UCDN)

शहरी स्वरोजगार कार्यक्रम

स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के अंतर्गत शहरी स्वरोजगार कार्यक्रम को दो भागों में बांटा गया है।

  • लाभार्थी द्वारा स्वरोजगार स्थापित करने हेतु योजना से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा गरीब लाभार्थियों को इस योजना से संबंधित जानकारी प्रदान करनी होगी।
  • आधुनिकता एवं अन्य योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां कार्यकर्ताओं द्वारा शहरी गरीबों को उनका स्वरोजगार स्थापित करने के लिए सहायता प्रदान की जाएगी जिसकी मदद से है खुद का उद्योग डाल सकते हैं एवं खुद की आय का स्रोत बना सकते हैं।

लक्षित समूह (Target Groups)

USEP का लाभ शहरी आबादी के गरीबी रेखा से नीचे सेगमेंट तक बढ़ाया गया है। कार्यक्रम में महिलाओं, अनुसूचित जाति (एससी) / अनुसूचित जनजाति (एसटी) से जुड़े लोगों, और ऐसे अन्य श्रेणियों के लोगों पर विशेष जोर दिया गया है, जो समय-समय पर सरकार द्वारा चिननिथ किए जा सकते हैं।

लाभार्थियों की पहचान

इस योजना के तहत सर्वेक्षण के माध्यम से लाभार्थियों के घर-घर जाकर गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगों को इस योजना के प्रति ध्यान केंद्रित करवाया जाएगा। ग्रामीण एवं शहरी स्थानों पर मंत्रालय के द्वारा स्थल सर्वेक्षण भी करवाया जाएगा जिसकी मदद से इस योजना का मॉडल प्रारूप तैयार हो सके। सर्वेक्षण की मदद से सरकार को लाभार्थियों की पहचान करने में आसानी होगी एवं इससे जिन जिन लोगों को आवश्यकता है उनको इस योजना से लाभ प्रदान करवाया जाएगा। प्रक्रिया के लिए गैर सरकारी संगठन एवं अन्य जिन्नत निकायों की भी मदद ली जाएगी जो कि इस सर्वेक्षण में घर-घर जाकर लाभार्थियों को योजना का लाभ बताएंगे।

शहरी महिला स्व-सहायता कार्यक्रम (UWSP)

योजना के अंतर्गत शहरी महिला स्वयं सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत सभी गरीब रेखा से नीचे संबंध रखने वाली महिलाओं के लिए सरकार द्वारा ऋण प्रदान कर आ जाएगा जिसके माध्यम से वह स्वरोजगार प्राप्त कर पाएंगे एवं इससे महिला सशक्तिकरण जैसे मिशन को बढ़ावा मिलेगा। स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) / थ्रिफ़्ट और क्रेडिट सोसायटी जैसे महिला स्वयं सहायता वर्ग के लिए परिक्रामी फ़ंड प्रदान किया जाइगा|

शहरी गरीबों के बीच रोजगार संवर्धन के लिए कौशल प्रशिक्षण

योजना के अंतर्गत शहरी गरीबों की कौशल विकास के लिए सरकार द्वारा उनकी क्षमता को बढ़ाया जा सके एवं उनको बेहतर वेतन भोगी रोजगार के लिए प्रेरित कर आ जा सके इसी कारणवश इस योजना के तहत शहरी गरीब को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर आ जाएगा। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को विभिन्न स्थानीय कौशल एवं सेवाओं या विभिन्न गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण उन्हें स्वयं रोजगार स्थापित करने में सहायता करेगा एवं इनसे लाभार्थियों को बेहतर वेतन भोगी रोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी।

शहरी वेतन रोजगार कार्यक्रम (UWEP)

सैलरी वेतन रोजगार कार्यक्रम के अंतर्गत सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लाभार्थियों को मजदूर रोजगार प्रदान कर आ जाएगा। यह कार्यक्रम लाभार्थियों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा एवं कार्यक्रम का इस्तेमाल करके गरीबी रेखा से नीचे आने वाले ग्रामीण वर्ग के लोग श्रम का उपयोग करके अपनी आमदनी का स्रोत बना सकते हैं। यह कार्यक्रम सिर्फ कस्बों एवं शहरों के लिए लागू होगा।

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