Jharkhand Mithi Kranti Yojana 2021

झारखंड के मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में शहद का उत्पादन बढ़ाने के लिए झारखंड मीठी क्रांति योजना का आरंभ किया है। झारखंड सरकार शहर में शहद उत्पादन को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है इसी वजह से इस योजना को प्रदेश में लागू किया गया है। इस योजना की शुरुआत झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने की है जिसके लिए उन्होंने मीठी क्रांति योजना के प्रथम चरण के लिए 100 करोड रुपए का बजट तय किया है। योजना के अंतर्गत वह सभी किसान जो मधुमक्खी पालन करते हैं एवं उससे शहद का उत्पादन कहते हैं उनको सरकार द्वारा ₹100000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के तहत पहले चरण के लिए 1200 किसानों को प्रशिक्षण के बाद मधुमक्खी पालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के अंतर्गत ₹80000 तक का अनुदान सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा एवं ₹20000 तक का निवेश किसानों को स्वयं करना पड़ेगा।

इस योजना की सहायता से किसान लगभग ₹100000 तक की सालाना कमाई कर सकेंगे। योजना के तहत मधुमक्खी कृषि प्रणाली के लिए सरकार द्वारा शहद के उत्पादन को बढ़ाने हेतु 3 वर्ष यानी 2020 से 2023 तक के लिए मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन की शुरुआत की गई थी जिसके लिए 500 करोड रुपए तक का बजट तय किया गया है। 2020 – 21 तक के लिए मीठी क्रांति योजना को शुरू किया गया है जिसके लिए लगभग ₹100 का आवंटन किया जाएगा|

झारखण्ड मीठी क्रांति योजना

जैसा कि हम जानते हैं कि पूरे भारत में सभी राज्य देश के कृषि विभाग को उन्नति एवं किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई नई योजना को शुरू कर रहे हैं जिनमें से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है। मकसद को ध्यान में रखते हुए झारखंड राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मीठी क्रांति योजना शहर के मधुमक्खी पालन से संबंध रखने वाले किसानों को ध्यान में रखते हुए एवं राज्य में शहद उत्पादन को दोगुना करने के लिए इस योजना को शुरू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को मधु पालन एवं उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार राज्य के किसानों को ₹100000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी जिसकी मदद से वह मधुमक्खी पालन के जरिए शहद उत्पादन करके अपनी आय को दोगुना कर सकेंगे। इस योजना का आवेदन वे सभी लोग भी कर सकते हैं जो कि बेरोजगार है एवं उनके पास आय का कोई भी जरिया नहीं है।

योजना के तहत सरकार द्वारा किसानों को ₹80000 तक की राशि प्रदान की जाएगी जो कि उनको मधुमक्खी पालन के संबंध में वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इतने से 20000 का निवेश किसान को खुद करना पड़ेगा। सरकार द्वारा प्रदान की गई जानकारी के मुताबिक 20000 का निवेश करने के बाद मधुमक्खी पालन की मदद से किसान ₹130000 तक की आमदनी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री का यह कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा हरित क्रांति क्षेत्र कांति नीली क्रांति के बाद मीठी क्रांति का समय है जिसकी मदद से 20 22:00 तक किसान अपनी आए दोगुना नहीं बल्कि चौगुना कर पाएंगे।

मीठी क्रांति योजना का उद्देश्य

  • इस योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत मिशन को बढ़ावा देना है।
  • इस योजना की मदद से राज्य के सभी मधुमक्खी पालन से संबंध रखने वाले किसानों को सरकार द्वारा मीठी क्रांति के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वैज्ञानिक आधार पर राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के माध्यम से लागू किया जाएगा।
  • मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के अंतर्गत किया गया है। योजना की मदद से सभी कृषि एवं गैर कृषि परिवार रोजगार एवं आमदनी का स्रोत प्राप्त कर सकते हैं। योजना की मदद से मधुमक्खी पालन उद्योग का विकास एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
  • इस योजना की मदद से महिला सशक्तिकरण को उन्नति प्राप्त होगी।
  • इस योजना की मदद से सरकार राज्य में न्यूक्लियस स्टॉक एवं ब्रीडर्स जैसे केंद्रों को स्थापित करेगी।
  • इस योजना की मदद से सरकार मधुमक्खी रोग से संबंधित प्रयोगशाला को स्थापित करेगी।

योजना का लाभ

  • मधुमक्खी पालन एक बहुत ही महत्वपूर्ण आधारित गतिविधि है जोकि देशभर के ग्रामीण क्षेत्र के किसानों एवं भूमिहीन मजदूरों द्वारा की जा रही है जिसका नियंत्रण एकीकृत कृषि व्यवस्था संस्थान द्वारा किया जा रहा है।
  • मधुमक्खी पालन की मदद से कृषि आय में बढ़ोतरी हो रही है जिसके परिणाम स्वरूप मधुमक्खी पालन से संबंध रखने वाले किसान अपनी आय दोगुनी की जगह तीन गुनी कर रहे हैं।
  • मधुमक्खी पालन की मदद से शहद उत्पादन को बढ़ावा मिल रहा है जिसकी मदद से बी वैक्स पुलिस रॉयल जेली प्रोपोलिस बी वेनम आदि से संबंधित उत्पादन किए जा रहे हैं।
  • इसी वजह से मीठी क्रांति योजना के तहत सरकार उन सभी गरीब किसानों एवं बेरोजगार गैर किसानों को मधुमक्खी पालन करने के लिए बढ़ावा दे रही है एवं उनको ₹100000 तक की आर्थिक मदद प्रदान करेगी जिसकी मदद से वह मधुमक्खी पालन व्यवसाय का हिस्सा बन पाए।

मीठी क्रांति योजना मिशन

मीठी क्रांति योजना की मदद से सरकार वैज्ञानिक प्रगति की मदद से मधुमक्खी पालन एवं मधुमक्खी उत्पादन के लिए राज्य के लोगों को जागृत करेगी साथ ही मिशन 2 के तहत सरकार संग्रहण प्रसंस्करण विवरण मूल्य संवर्धन भंडारण आदि जैसी क्रियाओं के लिए प्रदेश के मधुमक्खी पालन से संबंध रखने वाले कृतियों को जागरूक करेगी। इस योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन से संबंध रखने वाले को सरकार द्वारा मधुमक्खी पालन के बारे में जागरूक किया जाएगा एवं योजना के लिए डेढ़ सौ करोड़ रुपए का बजट सरकार द्वारा तय किया गया है। यह योजना मुख्यमंत्री पालन एवं शहर मिशन के अंतर्गत आती है जिसके तहत 11 अन्य और योजना लॉन्च की जाएंगी जो कि राज्य के मधुमक्खी पालन उत्पादन ओं के लिए कृतियों को जागरूक करेगी एवं इससे उनकी आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है।

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